कुमाऊँ की थाली से मैं आज आपके लिए लायी हूँ भट्ट के डुबके ,ये उत्तराखंड में कुमाऊं का पारम्परिक भोजन है और चावल के साथ खाया जाता है ,इसकी रेसिपी मैं इसलिए लायी हूँ क्योंकि जब भी मैंने इसकी रेसिपी ऑनलाइन ढूंढने की कोशिश की ,ये मुझे कहीं पर नहीं मिली ,इसलिए जब भी कोई उत्तराखंड की इस डिश को बनाना चाहे तो वो आसानी से इसे ढूंढ पाए।
इसे मैं लायी हूँ अपनी मौसी की रसोई से सीधे आपके लिए।
सामग्री :
भट्ट की दाल : एक कटोरी
चावल : चार चम्मच
जम्बू : ये पहाड़ी जड़ी होती है ,जिसका इस्तेमाल तड़के के लिए होता है
गदरेड़ी : ये पहाड़ी जड़ी होती है ,जिसका एक टुकड़ा हम ले सकते हैं
लहसुन : एक गाँठ
हींग : एक चुटकी
नमक ,मिर्च स्वादानुसार
बनाने का तरीका :
सबसे पहले भट्ट की दाल को चावल के साथ धो कर रात भर के लिए भिगोने डाल दें और सुबह मिक्सी में या सिल बट्टे पर भिगाये हुए दाल चावल , लहसुन,गदरेड़ी और मिर्च डाल के पीस लीजिये।
नोट:सिल बट्टे में पीसेंगे तो ज़्यादा स्वादिष्ट बनेगीऔर आप पिसी हुई मिर्च भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
लोहे की कढ़ाही में तेल गरम करें और उसमें हींग का और जम्बू का तड़का लगाए और पिसी हुई दाल को कढ़ाही में डाल दें और थोड़ा पतला होने तक पानी मिला दें और स्वादनुसार नमक मिलाये और धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दीजिये और तब तक पकाएं जब तक उसमें बुलबुले बनने बंद हो जाये और डुबको के छींटे बाहर निकलना शुरू हो जाये। अब चावल के साथ इसे परोसिये ,खुद भी खाइये और औरों खिलाइये।
धन्यवाद।
इसे मैं लायी हूँ अपनी मौसी की रसोई से सीधे आपके लिए।
सामग्री :
भट्ट की दाल : एक कटोरी
चावल : चार चम्मच
जम्बू : ये पहाड़ी जड़ी होती है ,जिसका इस्तेमाल तड़के के लिए होता है
गदरेड़ी : ये पहाड़ी जड़ी होती है ,जिसका एक टुकड़ा हम ले सकते हैं
लहसुन : एक गाँठ
हींग : एक चुटकी
नमक ,मिर्च स्वादानुसार
बनाने का तरीका :
सबसे पहले भट्ट की दाल को चावल के साथ धो कर रात भर के लिए भिगोने डाल दें और सुबह मिक्सी में या सिल बट्टे पर भिगाये हुए दाल चावल , लहसुन,गदरेड़ी और मिर्च डाल के पीस लीजिये।
नोट:सिल बट्टे में पीसेंगे तो ज़्यादा स्वादिष्ट बनेगीऔर आप पिसी हुई मिर्च भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
लोहे की कढ़ाही में तेल गरम करें और उसमें हींग का और जम्बू का तड़का लगाए और पिसी हुई दाल को कढ़ाही में डाल दें और थोड़ा पतला होने तक पानी मिला दें और स्वादनुसार नमक मिलाये और धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दीजिये और तब तक पकाएं जब तक उसमें बुलबुले बनने बंद हो जाये और डुबको के छींटे बाहर निकलना शुरू हो जाये। अब चावल के साथ इसे परोसिये ,खुद भी खाइये और औरों खिलाइये।
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| इसमें जो गाँठ है वो गदरेड़ी हैंऔर दूसरी जम्बू है। |
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| भट्ट की दाल |


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ReplyDeleteभौत भल करि तुमुल यौ विधि साझा करि बेर, कई लोग यै बे सीख ल्याल
ReplyDelete🙏🙏🙏🙏
DeleteYummy must try
ReplyDeleteThanks 😊
DeleteThanks for sharing this wonderful recipe
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